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जीना हर क्षण

Posted On: 3 Jul, 2016 कविता में

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जीवन का मतलब जीना हर क्षण है .
विगत दिवस की वेदना को जाओ भूल
चुभे न आगत की चिंताओं के शूल
व्यर्थ भुलावों में लोग जब खो जाते हैं
जो समक्ष है उसे समझ कहाँ पाते हैं
व्यर्थ बंधनों से मुक्ति चाहता मन है
जीन्रे का मतलब जीना हर क्षण है .

क्या धूमिल होकर कभी रवि आया है ?
क्या विहगों को कभी विषाद भाया है ?
समय कहाँ शोक का धरा –गगन के पास
प्रकृति मनाती है नित नूतन उल्लास
अपनी गति ,अपनी लय में कण –कण है
जीवन का मतलब जीना हर क्षण है .

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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

achyutamkeshvam के द्वारा
July 8, 2016

प्रेरणादायक कविता ,शुभकामनाएं

    vikaskumar के द्वारा
    July 9, 2016

    धन्यवाद .


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